GATE 2025 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करना Swarnava Biswas के लिए सिर्फ एक टॉप रैंक पाने का लक्ष्य नहीं था, बल्कि यह उनके लिए समस्या समाधान, कॉन्सेप्ट की स्पष्टता और अनुशासन का परिणाम था। जादवपुर विश्वविद्यालय में BE इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन के छात्र स्वर्णवा को बचपन से ही समस्याओं को हल करने का शौक था, जिसने उन्हें पूरे GATE की तैयारी के दौरान केंद्रित बनाए रखा।
Swarnava का परिवार और शुरुआती शिक्षा
Swarnava Biswas का जन्म और पालन-पोषण कोलकाता में हुआ। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जूड्स हाई स्कूल, मध्यमग्राम से पूरी की। उनके परिवार का इंजीनियरिंग क्षेत्र से कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता ने उनके सीखने के प्रति समर्पण को हमेशा प्रेरित किया।
उनके पिता MCA ग्रेजुएट हैं और एक FIDE अर्बिटर (शतरंज प्रतियोगिता निर्णायक) और कोच हैं, जबकि उनकी मां पेशेवर फोटोग्राफर हैं। हालांकि उनके माता-पिता का करियर इंजीनियरिंग क्षेत्र से अलग था, फिर भी उन्होंने स्वर्णवा को ज्ञान अर्जित करने की प्रेरणा दी।
GATE की तैयारी: अनुशासन और सही रणनीति
स्वर्णवा का GATE सफर उनके दूसरे वर्ष में शुरू हुआ, जब उनके सीनियर्स ने उन्हें GATE की तैयारी के लिए प्रेरित किया। तीसरे वर्ष तक उन्होंने इस परीक्षा के महत्व को समझ लिया, जिससे IIT में मास्टर्स में प्रवेश और PSU की उच्च वेतन वाली नौकरियों के द्वार खुलते हैं।
स्वर्णवा ने अपनी तैयारी को दो मुख्य सिद्धांतों पर केंद्रित किया:
- मजबूत बेसिक्स बनाना
- सही स्टडी मटेरियल का चयन करना
उन्होंने बताया कि जादवपुर विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान उनके बेसिक्स मजबूत हो गए थे, जिससे उन्हें GATE में काफी मदद मिली। स्वर्णवा ने फिजिक्स वाला (PW) के कोर्स, GATE-O-Pedia की गाइड और अपने डिटेल नोट्स का सहारा लिया।
उनकी तैयारी का मुख्य मंत्र था – समय का सही प्रबंधन। उन्होंने अपने स्टडी शेड्यूल को इस तरह बांटा कि कॉन्सेप्ट सीखने के साथ-साथ रोजाना प्रैक्टिस करते रहें।
दबाव में शांत रहकर सफलता पाई
GATE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कई छात्रों को दबाव का सामना करना पड़ता है, लेकिन स्वर्णवा ने इसे सफलता की कुंजी बना लिया। उनके मजबूत बेसिक्स के कारण उन्हें कोई बड़ी कठिनाई नहीं हुई, हालांकि एग्जाम के दौरान उन्हें थोड़ी घबराहट जरूर हुई।
उन्होंने कहा, “जब सवाल सामने आए तो थोड़ी घबराहट हुई, लेकिन मैंने खुद को शांत रखते हुए सवाल हल करना शुरू किया। इससे धीरे-धीरे घबराहट दूर हो गई।”
स्वर्णवा का मानना है कि प्रश्नों की कठिनाई पर फोकस करने की बजाय समस्या का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए। यही रणनीति उनकी सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
भविष्य की योजनाएं और सलाह
GATE 2025 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने के बाद स्वर्णवा के पास कई करियर विकल्प हैं, लेकिन उनका लक्ष्य स्पष्ट है – वे VLSI डिज़ाइन क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करना चाहते हैं। इसके बाद वे उसी कंपनी के माध्यम से मास्टर्स करना चाहते हैं।
उनका दीर्घकालिक लक्ष्य है – “इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में कुछ नया और उपयोगी अविष्कार करना।”
भविष्य के GATE उम्मीदवारों के लिए स्वर्णवा की सलाह सरल और प्रभावी है:
- बेसिक्स को मजबूत करें: कॉन्सेप्ट को स्पष्ट रूप से समझें, क्योंकि वही आपकी तैयारी का आधार है।
- पुराने प्रश्न पत्र हल करें: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने से परीक्षा पैटर्न और महत्वपूर्ण टॉपिक्स की जानकारी मिलती है।
- फॉर्मूलों को याद रखें: गणितीय फॉर्मूलों और प्रमुख अवधारणाओं को कंठस्थ करना बहुत जरूरी है।
- समस्या समाधान पर फोकस करें: तैयारी का मुख्य हिस्सा प्रश्न हल करने की क्षमता को विकसित करना होना चाहिए।
स्वर्णवा बिस्वास की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि अनुशासन, मजबूत आधार, सही स्टडी मटेरियल और समस्या समाधान का जुनून किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता दिला सकता है। उनकी प्रेरक यात्रा GATE की तैयारी कर रहे सभी छात्रों के लिए एक मिसाल है, जो मेहनत और सही रणनीति से बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।