Sheetala Ashtami Upay: शीतला अष्टमी का महत्व शीतला अष्टमी का व्रत प्रतिवर्ष चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस दिन माता शीतला की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन बासी भोजन का सेवन करने और माता को भोग लगाने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। शीतला अष्टमी को मालवा, निमाड़, राजस्थान और हरियाणा जैसे क्षेत्रों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इसे बसोड़ा, बूढ़ा बसोड़ा या बासियौरा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विशेष उपाय करने से घर में शांति, सुख और सफलता का वास होता है। आइए जानते हैं माता शीतला को प्रसन्न करने के कुछ खास उपाय।
1. नौकरी और करियर में सफलता पाने के उपाय
यदि आप अपने करियर में सफलता चाहते हैं या नौकरी को लेकर परेशान हैं, तो शीतला अष्टमी के दिन निम्न उपाय करें:
- सुबह स्नान आदि करके माता शीतला की पूजा करें।
- शीतला चालीसा का पाठ करें और पाठ के बाद माता को पुष्प अर्पित करें।
- इस दिन माता के सामने घी का दीपक जलाने से नौकरी में तरक्की के योग बनते हैं।
- यदि आप अपने कार्यक्षेत्र में दो गुनी और चार गुनी उन्नति चाहते हैं, तो माता की आरती करें और उन्हें बासी भोजन का भोग लगाएं।
- नौकरी में स्थायित्व और सफलता के लिए “ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः” मंत्र का 108 बार जप करें।
2. स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए उपाय
यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं और लंबी उम्र की कामना करते हैं, तो शीतला अष्टमी पर विशेष मंत्र का जाप करें:
- “मृणाल तंतु सादृशी नाभ्याल हृन्मध्य संस्थिताम। यस्त्वां संचित्य यद्देवीं गच्छत्याशु मृत्युम्।”
- इस मंत्र का जाप करने से शारीरिक और मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है।
- रोगों से बचाव के लिए इस दिन नीम के पत्तों को जल में डालकर स्नान करना शुभ माना जाता है।
- घर में शीतला माता की पूजा के बाद नीम की पत्तियों का धुआं करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- सेहत में सुधार के लिए माता को मीठा भोग अर्पित करें।
3. परिवार में सुख-शांति और समृद्धि के लिए उपाय
यदि आप अपने परिवार में सुख-शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो शीतला अष्टमी के दिन निम्न उपाय करें:
- माता शीतला के समक्ष घी का दीपक जलाएं और शीतलाष्टक स्तोत्र का पाठ करें।
- “शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता। शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः।” इस मंत्र का 21 बार जप करें।
- परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए माता के मंदिर में जाकर चावल, गुड़ और बासी रोटी का भोग अर्पित करें।
- इस दिन घर में ताजे भोजन की जगह बासी भोजन का सेवन करने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- घर में कलह और तनाव को दूर करने के लिए नीम की पत्तियों की माला बनाकर माता को अर्पित करें।
4. व्यापार में वृद्धि और संकट से बचने के उपाय
यदि आप अपने व्यवसाय में तरक्की चाहते हैं और अज्ञात संकटों से बचना चाहते हैं, तो शीतला अष्टमी के दिन निम्न उपाय करें:
- नहाने के बाद नीम के पेड़ के पास जाएं और उसमें माता शीतला का स्वरूप ध्यान करते हुए प्रणाम करें।
- पेड़ की पूजा रोली, अक्षत और जल से करें।
- यदि व्यापार में कोई समस्या चल रही हो, तो इस दिन माता शीतला को दूध-चावल की खीर का भोग लगाएं और प्रसाद को गरीबों में बांट दें।
- घर या दुकान के मुख्य द्वार पर नीम के पत्तों का तोरण लगाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।
- व्यापार में लाभ पाने के लिए शीतला माता के मंदिर में जाकर “वंदेहं शीतलां देवी रसभस्थां दिगंबरा। मर्जनी कलशोपेतां सूर्प अलंकृत मस्तकां।” मंत्र का जाप करें।
शीतला अष्टमी का पर्व सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक है। इस दिन माता शीतला की विधिवत पूजा और विशेष उपाय करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। माता शीतला का आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धा और भक्ति के साथ इन उपायों को करें और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का अनुभव करें।