World Water Day: हर साल 22 मार्च को पूरी दुनिया में विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को जल के महत्व और संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष के जल दिवस की थीम ग्लेशियर संरक्षण थी, जिसका उद्देश्य ग्लेशियरों के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करना है। ग्लेशियर पृथ्वी पर स्वच्छ जल आपूर्ति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ऐसे में इनके संरक्षण के लिए प्रयास आवश्यक हैं।
RO जल शुद्धि: स्वास्थ्य के लिए वरदान या अभिशाप?
आजकल शहरों में पानी शुद्ध करने के लिए बड़े पैमाने पर RO (रिवर्स ऑस्मोसिस) का उपयोग किया जाता है। लोगों का मानना है कि RO से शुद्ध पानी पीने से उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। हालांकि, यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। RO पानी शुद्ध करने के साथ-साथ पानी में मौजूद आवश्यक खनिजों (मिनरल्स) को भी हटा देता है, जो हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं।
RO पानी के लगातार सेवन से होने वाले नुकसान:
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आवश्यक खनिजों की कमी से शरीर में पोषण असंतुलन हो सकता है।
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यह पानी अम्लीय (Acidic) हो जाता है, जिससे पाचन तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
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लंबे समय तक RO पानी पीने से शरीर में कमजोरी और थकान हो सकती है।
RO पानी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम
RO पानी पीने से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। जिनमें सबसे गंभीर बीमारी हृदय रोग है। पानी में मौजूद आवश्यक खनिज शरीर के लिए आवश्यक होते हैं, लेकिन RO पानी में इनका अभाव रहता है। इससे शरीर में मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी हो जाती है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
RO पानी से होने वाली अन्य बीमारियां:
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एनीमिया: RO पानी में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी के कारण शरीर में लौह तत्व (Iron) की कमी हो जाती है, जिससे एनीमिया हो सकता है। इसके कारण व्यक्ति को कमजोरी, थकान और चक्कर आने की समस्या होने लगती है।
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विटामिन B12 की कमी: RO पानी में मौजूद पोषक तत्वों की कमी से शरीर में विटामिन B12 की कमी हो जाती है। इससे लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण बाधित होता है और व्यक्ति को थकान, अवसाद और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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रक्तचाप में असंतुलन: RO पानी पीने से शरीर में आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) असंतुलित हो सकता है। इससे व्यक्ति को घबराहट, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
गर्भावस्था में RO पानी पीना हो सकता है खतरनाक
गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। इस दौरान शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। RO पानी में मौजूद खनिजों की कमी से गर्भवती महिलाओं में कैल्शियम और मैग्नीशियम की कमी हो सकती है, जिससे मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
गर्भावस्था में RO पानी पीने के दुष्प्रभाव:
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मां में खून की कमी (एनीमिया) हो सकती है।
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शिशु के विकास में बाधा आ सकती है।
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गर्भावस्था में कमजोरी और थकान की समस्या बढ़ सकती है।
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डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को अक्सर उबालकर या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की सलाह देते हैं।
WHO की चेतावनी: RO पानी का अधिक सेवन खतरनाक
कुछ समय पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने RO पानी के अधिक सेवन को लेकर चेतावनी दी थी। WHO की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि RO जल में आवश्यक खनिज नहीं होते, जिससे यह पानी पोषक तत्वों से रहित हो जाता है। लंबे समय तक RO पानी पीने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों की सलाह:
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RO का उपयोग करने के बजाय पानी को उबालकर या फिल्टर करके पीना बेहतर होता है।
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यदि RO का उपयोग आवश्यक हो, तो ऐसे सिस्टम का चयन करें, जो खनिजों को संरक्षित रखते हुए पानी को शुद्ध करे।
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पानी की गुणवत्ता जांचकर ही उचित शुद्धिकरण तकनीक अपनाएं।
विश्व जल दिवस का मुख्य उद्देश्य जल के महत्व को समझना और इसके संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना है। जल जीवन का आधार है और इसे व्यर्थ नहीं करना चाहिए। RO का उपयोग करते समय हमें यह समझने की आवश्यकता है कि अत्यधिक शुद्ध पानी हमेशा स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं होता। RO पानी के लगातार सेवन से आवश्यक खनिजों की कमी हो सकती है, जिससे कई बीमारियां जन्म ले सकती हैं। अतः स्वस्थ जीवन के लिए पानी को सही तरीके से शुद्ध कर पीना आवश्यक है।