क्यों Mark Carney कर रहे हैं अचानक मध्यकालिक चुनाव की घोषणा? जानें पूरी कहानी

क्यों Mark Carney कर रहे हैं अचानक मध्यकालिक चुनाव की घोषणा? जानें पूरी कहानी

कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney जल्द ही देश में मध्यावधि चुनाव की घोषणा कर सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कार्नी रविवार को ही चुनाव की तारीख का ऐलान कर सकते हैं। यह चुनाव 28 अप्रैल को होने की संभावना है। आश्चर्यजनक रूप से, कार्नी को प्रधानमंत्री बने अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन वह जल्द चुनाव कराकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं।

मार्क कार्नी खुद लड़ेंगे चुनाव

लिबरल पार्टी ने शनिवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री Mark Carney इस बार चुनाव में खुद भी मैदान में उतरेंगे। वह ओटावा के उपनगर नेपियन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। यह पहली बार होगा जब कार्नी सांसद बनने के लिए चुनावी मैदान में उतरेंगे। पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि ओटावा वह जगह है, जहां कार्नी ने अपना परिवार बसाया और सार्वजनिक सेवा के लिए अपना करियर समर्पित किया।

कार्नी इससे पहले कनाडा के केंद्रीय बैंक के प्रमुख भी रह चुके हैं। ऐसे में वित्तीय मामलों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। अब वह चुनाव लड़कर जनता का समर्थन हासिल करना चाहते हैं, ताकि संसद में बहुमत पाकर अपनी सरकार को मजबूती दे सकें।

क्यों हो रहे हैं मध्यावधि चुनाव?

जानकारों के मुताबिक, अमेरिका और कनाडा के बीच बिगड़ते आर्थिक संबंधों के चलते कार्नी जल्द चुनाव कराना चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कनाडा को “51वां राज्य” बनाने की धमकी दी थी, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सख्ती से खारिज कर दिया था। इसके बाद ट्रंप ने कनाडाई उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने का ऐलान कर दिया।

ट्रंप ने कनाडा के स्टील और एल्युमिनियम पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है और 2 अप्रैल से सभी कनाडाई उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने की घोषणा की है। इससे कनाडा की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। ऐसी स्थिति में, लिबरल पार्टी का मानना है कि यदि तुरंत चुनाव कराए जाते हैं, तो जनता उनके पक्ष में मतदान कर सकती है।

क्यों Mark Carney कर रहे हैं अचानक मध्यकालिक चुनाव की घोषणा? जानें पूरी कहानी

क्या जस्टिन ट्रूडो फिर लौटेंगे सत्ता में?

Mark Carney के चुनावी मैदान में उतरने के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को दोबारा मौका मिलेगा? हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। ट्रूडो ने जनवरी में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद कार्नी को प्रधानमंत्री बनाया गया था।

कनाडा में सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी को इस बार हार का डर सता रहा था। लेकिन अमेरिका द्वारा आर्थिक युद्ध छेड़ने के बाद समीकरण बदल गए हैं। ऐसे में लिबरल पार्टी को उम्मीद है कि वह जल्द चुनाव कराकर सत्ता में वापसी कर सकती है।

343 सीटों पर होगा चुनाव

कनाडा में संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ की कुल 343 सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव प्रचार अभियान 37 दिनों तक चलेगा। मार्क कार्नी को उम्मीद है कि जनता उन्हें समर्थन देगी, जिससे उनकी सरकार बहुमत में आ सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लिबरल पार्टी चुनाव में जीत जाती है, तो कनाडा अमेरिका के आर्थिक दबाव का प्रभावी तरीके से सामना कर सकेगा। इसके अलावा, चुनाव में जीतने के बाद कार्नी को संसद में अधिक समर्थन मिलेगा, जिससे वह अपनी नीतियों को मजबूती से लागू कर पाएंगे।

क्या ट्रंप की रणनीति का असर होगा?

डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियों का कनाडाई चुनाव पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी शुल्क के कारण कनाडा की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। यदि कार्नी जल्द चुनाव कराकर जनता का समर्थन हासिल कर लेते हैं, तो वह अमेरिका के दबाव का जवाब मजबूती से दे सकेंगे।

हालांकि, इस चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की भूमिका को लेकर अटकलें जारी हैं। ऐसा भी हो सकता है कि ट्रूडो पार्टी का चेहरा बनकर फिर से चुनाव प्रचार करें।

कनाडा में हो रहे इस मध्यावधि चुनाव को लेकर न केवल वहां, बल्कि पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। अमेरिका के आर्थिक हमले के बीच यह चुनाव कनाडा के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।